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आप नहीं लड़ेगी विधानसभा लेकिन चुनावों में करेगी भागीदारी

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चेतना, चोट व चौकीदारी के तहत 5 हजार कार्यकर्त्ता बाँटेंगे 5 लाख पर्चे

आम आदमी पार्टी हरियाणा सहित महाराष्ट्र, झारखण्ड व जम्मू कश्मीर में चुनाव नहीं लड़ रही है. मगर पार्टी आगामी चुनाव में सक्रिय भूमिका अदा करेगी. पार्टी ने तय किया है कि हरियाणा में 'आप की आवाज' अभियान चलाएगी. 21 सितम्बर से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ता सारे प्रदेश में 'चेतना, चोट व चौकीदारी' का काम करेंगे. यह फैसला 17 सितम्बर को चंडीगढ़ में पार्टी की राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया. इसके लिए पूरे प्रदेश में पार्टी के लगभग पांच हजार कार्यकर्ता प्रचार कार्य में जुटेंगे...

आम आदमी पार्टी हरियाणा राज्य ईकाई के मुख्य प्रवक्ता राजीव गोदारा ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस अभियान के तहत हरियाणा भर में 5 लाख पर्चे बांटें जायेंगे. इसके साथ ही पोस्टर, बैनर, एसएमएस व मोबाइल पर रिकॉर्ड किये गए सन्देश भी भेजे जायेंगे. इस अभियान में प्रदेश की जनता को शामिल करने के लिए पार्टी ने हेल्पलाईन नम्बर 8222094500 व ईमेल This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it  जारी किया है. आप ने जनता से अपील की है कि हमें दागी उम्मीदवारों के खिलाफ और आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना व सबूत भेजने की कृपया करें. सूचना भेजने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी. आप के मुताबिक इस सम्बन्ध में जनता से कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ हमें सबूत मिलने शुरू हो गए हैं.

aam-admi-1-haryanaविज्ञप्ति में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी आन्दोलन के गर्भ से निकली है. राजनीति में कदम इसीलिए रखा, ताकि हम आम आदमी के मुद्दे उठा सकें और राजनीति के भ्रष्टाचार को साफ कर सकें. चुनाव राजनीति का एक अहम् हिस्सा है, मगर चुनाव पूरी राजनीति नहीं है. चुनाव के माध्यम से जनता से जुड़ने का अवसर मिलता है. चुनाव के समय समाज बड़े स्तर पर राजनीतिक रूप से सक्रिय होता है, इसलिए किसी भी राजनीतिक संगठन का दायित्व बनता है कि समाज के बीच में जाकर राजनीतिक मुद्दों पर बात करें. आम आदमी पार्टी चाहे चुनाव नहीं लड़ रही है, लेकिन चुनाव के दौरान और उसके बाद भी इस जिम्मेवारी का निर्वाह करेगी.

आप के मुताबिक हरियाणा जैसे राज्य में पूरा चुनाव दलबदल में बदल गया है. चुनाव सीएलयू व शराब जैसे धन्धों से एकत्रित किये पैसे की ताकत के सहारे लड़ा जा रहा हो. गंम्भीर मुकद्दमों के आरोपी चुनाव लड़ रहे हों. कोई मुद्दों की बात नहीं कर रहा. घोषणापत्र के नाम पर अगंभीर और बेहिसाब वादों की झड़ी लगा दी जाती है. किसी पार्टी के पास हरियाणा कैसा हो इसका सपना तक नहीं है. इन परिस्थियों में वैकल्पिक राजनीति के लिए प्रतिबद्ध आम आदमी पार्टी, हरियाणा राजनीति को समाज हित व न्यायपूर्वक बनाने के लिए कुछ योगदान करना चाहती है. इसी विचार को सामने रख कर आम आदमी पार्टी, हरियाणा ने आप की आवाज़ अभियान की योजना बनाई है. अभियान के तीन हिस्से निर्धारित किये गए हैं-

1. चेतना : प्रदेश के उपेक्षित मुद्दों पर जन चेतना निर्माण के कार्यक्रम

इसके तहत पार्टी ने तय किया है कि कार्यकर्ता प्रदेश के कोने-कोने में जाकर आम आदमी की जिंदगी से जुड़े वो मुद्दे उठाएंगे, जिसे चुनावी प्रचार में सभी पार्टियों ने भुला दिया है. घर-घर जाकर, मोहल्ला सभाओं के जरिये और पर्चे, पोस्टर, एसएमएस आदि की मदद से इन मुद्दों पर जन चेतना का निर्माण किया जायेगा और जनता से अनुरोध भी कि जब पार्टियाँ वोट मांगने आयें तो उनसे सवाल-जवाब करें कि उन मुद्दों पर उनकी ठोस राय क्या है. इनमें से कुछ मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं :

—प्रदेश में भ्रष्टाचार व्याप्त है, लेकिन लोकायुक्त की संस्था बिलकुल नकारा है. एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और ताकतवर लोकायुक्त बनाने की क्या योजना है?

—सरकारी नौकरियों में नियुक्ति की व्यवस्था को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की इच्छाशक्ति और नीति कहाँ है?

—सारे प्रदेश में बढ़ती शराबखोरी और अन्य नशों के प्रकोप से बचाने के लिए पार्टियाँ कुछ करने को तैयार हैं?

—भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों की लूट को बचाने की क्या योजना है? क्या सभी पार्टियाँ नए भूमि अधिग्रहण कानून को कमजोर करने के षडयंत्र का विरोध करेंगी?

—खेती और किसानी के संकट से निपटने की कोई सोच इन पार्टियों के पास है? किसान को खेती उपज का पूरा दाम (लागत जमा पचास फीसद) दिलाने के लिए संकल्प लेने को तैयार हैं?

—क्या इन पार्टियों को प्रदेश में पर्यावरण के संकट की कोई चिंता है? गिरते भू-जलस्तर, घटते खेत और जंगल, कटते पहाड़ और पर्यावरण में बढ़ते     कीटनाशक और रासायनिक खाद का जहर –इन सबसे हमारी आने वाली पीढ़ियों को बचाने की क्या सोच है?

—बिजली और पीने के पानी की कमी को दूर करने के वादे तो हर कोई करता है, लेकिन इसकी ठोस योजना किसी के पास है?

—शिक्षा में बढ़ती गैर बराबरी, सरकारी स्कूलों की घटती गुणवता और प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती फीस के लिए क्या निति या योजना है?

—सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, दवाई, टेस्ट और इलाज मिल सके – इसकी क्या व्यवस्था है?

दलित समाज को हिंसा, उत्पीडन और अवमानना से मुक्त कराने और न्याय दिलाने के लिए कौनसे कदम उठाये जायेंगे?

—महिलाओं की सुरक्षा के लिए इन पार्टियों के पास क्या योजना है?

—मजदूरों और कर्मचारियों को कानून के तहत प्राप्त अधिकार वास्तव में कैसे दिलाये जायेंगे?

2. चोट : भ्रष्टाचारी, अपराधी और कदाचारी उम्मीदवारों का विरोध

आप की विज्ञप्ति के मुताबिक राजनीति में अपराधीकरण, चरित्रहीनता और भ्रष्टाचार बढ़ने का जिक्र होता ही है. इसे रोकने के लिए कानून के दायरे के बाहर राजनैतिक नैतिकता के मानदंड तय करने की जरूरत है. आम आदमी पार्टी प्रदेश के नागरिकों के सहयोग से ऐसे दागी उम्मीदवारों के बारे में सूचना इक्कठी करेगी, इसकी जांच करेगी और उनके नाम सार्वजनिक कर उनका विरोध करेगी. जो उम्मीदवार इन मानकों पर खरा नहीं उतरते हों उनके विधान सभा क्षेत्र में जाकर उनका विरोध करेंगे.

कानून छूट देता है कि जिस उम्मीदवार के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो चुके हैं वह चुनाव लड़ा सकता है, लेकिन अगर आरोप गंभीर हों तो जनता के राजनीतिक मानक के तहत उसका विरोध किया जायेगा. साथ ही जनता से अपील करेंगे की वह ऐसे उम्मीदवारों को वोट न दे जो:

—नशे के व्यवसाय में लिप्त है.

—जो सीएलयू का नाजायज लाभ उठाकर व्यापार कर रहे हों.

—जो पैसे की ताकत के सहारे चुनाव लड़ रहे हों.

—जो जाति व धर्म को वोट का आधार बनाता हैै.

—जो वंश को अपनी राजनीति का सहारा बनाकर खडा है.

3. चौकीदारी : चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन की निगरानी

हरियाणा में चुनाव आचार संहिता का खुल्लमखुला उल्लंघन होता है. आम आदमी पार्टी जनता, जनसंगठनों और मीडिया की मदद से उस पर निगरानी रखेगी व चुनाव आयोग पर दवाब बनायेंगी कि आचार सहिंता के उल्लंघन की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करे. इसके लिए एक विशेष सेल का गठन किया गया है.

Last Updated on Friday, 19 September 2014 15:01