Sat19042014

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चुरू का भविष्य वोटिंग मशीनों में बंद

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चुरू में मोदी लहर के होते हुए भी भाजपा, कांग्रेस तथा बसपा के मध्य मुकाबला चर्चा का विषय बना रहेगा. चुनाव विश्लेषकों की मानें तो भाजपा के प्रत्याशी राहुल कस्वां को जहाँ मोदी लहर का फायदा हुआ है, वहीं अपने ही पिता एवं चार बार के सांसद राम सिंह कस्वां की जनता में प्रचारित विकास कार्यों के प्रति निष्क्रियता का नुकसान भी उठाना पड़ेगा...

जग मोहन ठाकन

voter-upसत्रह लाख से अधिक मतदाताओं वाली राजस्थान के चुरू लोकसभा सीट के सभी बारह प्रत्याशियों का भविष्य वोटिंग मशीनों में बंद हो गया है. 16 मई को मतों की गणना तक अटकलों का दौर चलता रहेगा. परिणाम आने से पहले तक हर मतदाता अपने उम्मीदवार की जीत हार का आकलन करता रहेगा.

खबरों के मुताबिक राजस्थाना की चुरू लोकसभा सीट पर मोदी लहर के होते हुए भी भाजपा, कांग्रेस तथा बहुजन समाज पार्टी के मध्य मुकाबला चर्चा का विषय बना रहेगा. चुनाव विश्लेषकों की मानें तो भाजपा के प्रत्याशी राहुल कस्वां को जहाँ मोदी लहर का फायदा हुआ है, वहीं अपने ही पिता एवं चार बार के सांसद राम सिंह कस्वां की जनता में प्रचारित विकास कार्यों के प्रति निष्क्रियता का नुकसान भी उठाना पड़ा है. हालाँकि जीत की संभावना अभी भी भाजपा के राहुल कस्वां की ही प्रथम स्थान पर है.

चूरू लोकसभा क्षेत्र में 1859 बूथों पर 65 प्रतिशत से अधिक मतदान की सूचना है. यहां 2009 में केवल 52 प्रतिशत मतदान हुआ था. पूरे राजस्थान में 25 में से 20 सीटों पर मतदान हुआ. बाकी 5 पर 24 अप्रैल को वोट डाले जायेंगे. 17 अप्रैल के रिकॉर्ड मतदान से भाजपा खेमें में खुशी की लहर है. चुरू लोकसभा क्षेत्र के सभी 1859 बूथों की ईवीएम अब एक महीने तक चूरू के लोहिया कॉलेज में बीएसएफ तथा आरएसी के जवानों के कड़े पहरे में रहेंगी. 16 मई को मतगणना के बाद हार-जीत का पता चलेगा.