Thu24042014

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बैलगाड़ी से पहुंचे रशादी नामांकन कराने

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सपा ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाजपा के साथ मिलकर दंगे कराए, वहीं बसपा मुसलमानों को बेवकूफ बनाने के लिए दंगों पर घडि़याली आसूं बहा रही है. ये मुसलमान के नाम पर सिर्फ वोट लेना जानते हैं, उनको कुछ देना नहीं जानते...

आजमगढ के 69 आजमगढ सदर लोकसभा से आज राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल के प्रत्याशी व राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया. रशादी पर्चा दाखिला करने बैलगाडी व इक्कों के काफिले से आगे आगे चल रहे थे और उनके पीछे हजारों समर्थक पैदल थे.

ulema-counsil-molana-amir-rashadiपर्चा दाखिल करने के बाद रशादी ने कहा कि राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल ने हमेशा जनहित व जनसेवा के लिए संघर्ष किया है और समाज के हर वर्ग से आने वाले पीडि़तों-शोषितों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं का निदान कराया है. आजमगढ की स्वाभिमानी जनता को कौन्सिल के इन संघर्षों का एहसास है. यही कारण है कि आज पूरे जनपद से कौन्सिल को अपार जनसमर्थन मिल रहा है जिसे देखकर विरोधी दलों के हाथ पांव फूल गए हैं और इनके नेता हताश हो चुके हैं. इसलिए वह दुष्प्रचार और ओछी हरकतों पर उतारू होे गए हैं.

आज कौन्सिल और उसके नेताओं को बदनाम करने के लिए सपा, बसपा के लोग फर्जी समाचार पत्रों में झूठी खबरें छपवाकर बांट रहे हैं तो कहीं फेसबुक व मोबाईल के जरिये फर्जी फोटो बनाकर दुष्प्रचार व अफवाह फैला रहे हैं. मगर जनता इन्हें समझ चुकी है और वो अब इनके बहकावे में नहीं आने वाली है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनता से तो भयमुक्त होकर चुनाव प्रक्रिया में भाग लेनेे की बात कर रहा है, मगर खुद अभी भी सपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है. सपा नेता खुलेआम आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं. जब हमारे कार्यकर्ता उसका विरोध करने उतरते हैं तो जिला प्रशासन उलटा हमारे कार्यकर्ताओं पर झूठे और फर्जी मुकदमे लगाकर ईमानदारी और सच्चाई की आवाज को दबाना चाहते हैं, मगर ये इन्केलाब है और दबाने से और मजबूत होता है.

उन्होंने कहा कि वह बैलगाडी और इक्के से इसलिए पर्चा दाखिला कर रहे हैं, क्योंकि आजमगढ़ की सड़कें ऐसी हैं ही नहीं कि इस पर मोटर वाहनों से चला जा सके. जनपद में सपा के 9 विधायक और 6 मंत्रियों के होते हुए भी जब जनपद में विकास न हो सका, तो मुलायम सिंह यादव के आने से क्या फर्क पड़ने वाला है. क्या विकास के लिए अब प्रदेश के नागरिकों को अपने शहर से मुलायम सिंह यादव केे चुनाव लडने का इंतेजार करना होगा.

रशादी ने कहा कि ये चुनाव मैं नहीं लड़ रहा हूं, बल्कि आजमगढ की न्यायप्रिय और ईमानदार जनता लड़ रही है. मैं चुनाव लड़ने जनता के आहवान पर आया हूं, न कि अपनी इच्छा से. मेरा ये चुनाव आजमगढ का हर एक नागरिक खुद आमिर रशादी बन कर लड़ेगा. इस चुनाव में सपा व बसपा के लोग मुजफ्फरनगर दंगे के नाम पर सब वोट मांग रहे हैं, मगर मुजफ्फरनगर दंगा पीडितों का हाल लेने की फुरसत न तो सपा मुखिया को मिली, न ही बसपा सुप्रीमो मायावती को मिली. जहां सपा ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाजपा के साथ मिलकर दंगे कराए, वहीं बसपा मुसलमानों को बेवकूफ बनाने केे लिए दंगों पर घडि़याली आसूं बहा रही है. ये मुसलमान के नाम पर वोट लेना जानते हैं, पर उनको कुछ देना नहीं जानते.

नामांकन में मुख्य रूप से फूलपुर काण्ड के मृतक अब्दुर्रहमान के पिता हाफिज खालिद, बटला काण्ड के मृतक आतिफ अमीन के पिता मो0 अमीन, राष्ट्रीय महासचिव मौ0 ताहिर मदनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ0 निजामुद्दीन इस्लाही, राष्ट्रीय सचिव मौ0 गुलाम मोहम्मद रजवी, राष्ट्रीय सचिव मुफती गुफरान कासमी, वरिष्ठ नेता परमात्मा शरण पाण्डेय, मौ0 मुक्तदा हुसैन खैरी, जिलाध्यक्ष बदरेआलम, जिला महासचिव अनिल सिह, कन्हैया पाण्डेय, सुधीर राय आदि उपस्थित रहे.