Sat19052012

Last update03:31:30 AM IST

Back राजनीति राजनीति 'केंद्र ने उत्तर प्रदेश को एक भी पैसा नहीं दिया'

'केंद्र ने उत्तर प्रदेश को एक भी पैसा नहीं दिया'

  • PDF

सरकार बनते ही हमने उत्तर प्रदेश के तेज गति से विकास के लिए केंद्र सरकार से 80 हजार करोड़ का पैकेज मांगा। इसमें 36 हजार करोड़ अकेले  पूर्वांचल के लिए था।  ऐसे में हमने सोनभद्र के लिए अलग से स्पेशल पैकेज की मांग की लेकिन केंद्र ने हमारी बात अनसुनी कर दी...

 

विजय विनीत

 

उत्तर प्रदेश की सोनभद्र जनपद मुख्यालय पर आज चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की  मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि पूर्वांचल के विकास के लिए एक पैसे केंद्र ने नहीं दिया, जिसके कारण  विकास कार्य नहीं हो सका। ऐसे में एक बार पुनः सोच-समझकर वोट दें किसी के बहकावे में न आए। सपा की सरकार बनी तो गुण्डे लोगों का जीना मुहाल कर देंगे। कांग्रेस की बनी तो फिर सूबे से गरीब पलायन करेंगे। भाजपा ने बना दी तो सामंती व साम्प्रदायिक ताकतें हावी हो जाएगी।

daulat-ki-beti

मायावती ने स्वीकार किया कि हमारी पार्टी में भी कुछ गलत लोग आ गए थे जिससे हमारी सरकार की छवि धूमिल हुई है लेकिन मैं ऐसे लोगों को इस बार टिकट नहीं दिया है इस बार साफ-सुथरी छवि व जनता के बीच काम करने वाले लोगों  को ही प्रत्याशी बनाया गया है।  अपने 39 मिनट के संबोधन में अपना ज्यादा वक्त केंद्र सरकार पर ही भड़ास निकालने में व्यतीत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सूबे में 40 साल  तक एक छत्र राज किया जिसके चलते गरीबी, बेरोजगारी बढ़ती चली गई लोग यहां से पलायन करते गए। दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करते रहे।

गैर कांग्रेसी राज्यों के साथ केंद्र का सौतेला व्यवहार जारी है। बसपा को खराब आर्थिक स्थिति 2007 में सरकार बनने पर विरासत में मिली थी। सरकार बनते ही हमने उत्तर प्रदेश के तेज गति से विकास के लिए केंद्र सरकार से 80 हजार करोड़ का पैकेज मांगा। इसमें 36 हजार करोड़ अकेले  पूर्वांचल के लिए था। सोनभद्र काफी पिछड़ा आदिवासी व दलित बाहुल्य है। ऐसे में हमने सोनभद्र के लिए अलग से स्पेशल पैकेज की मांग की लेकिन केंद्र ने हमारी बात अनसुनी कर दी। प्राइवेट सेक्टर के जरिए हमने जब विकास की बात सोची कई योजनाएं बनाई तो केंद्र ने जातिगत व राजनीति के आधार पर स्वीकृति नहीं दी। पिछड़े राज्यों के तरह जब पैकेज की मांग की गई तब भी हमारी बात अनसुनी की गई।

इसके चलते हमे ज्यादा वित्तीय कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। हमारा अंश भी जो केंद्र  के पास पड़ा था उसे भी और जो केंद्रीय कोटे की धनराशी राज्यों को मिलनी चाहिए उसे भी केंद्र  ने हमें नहीं दिया। हमनें जब उत्तर प्रदेश को बाँटकर चार राज्य बनाकर विकास करने के लिए सोचा तो उसका भी सभी विपक्षी दलों ने विरोध किया। केंद्र की गलत नीतियों के चलते महंगाई बढ़ रही है।

गरीबी हटाने के लिए केंद्र जितनी भी योजनायें  चलाई हैं उसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व में केंद्र में चल रही यूपीए की सरकार ने अपने 31 महीनें के कार्यकाल में 62 बड़े घोटाले किए हैं। इसमें 20 लाख करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है। सपा सरकार के शासन काल में यूपी में खाद्यान, पुलिस भर्ती घोटाला किया। भाजपा ने अपने सात साल के कार्य काल में करोड़, अरबों का घोटाला किया। इसीलिए जब विदेशों में जमा काले धन को लाने की बात होती है तो कांग्रेस और भाजपा समर्थन नहीं करते हैं। इन दोनों दलों के लोगों का ही पैसा विदेशी बैंको
में जमा है।

विपक्षी दल साम, दाम, दण्ड, भेद की जरिए हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। जनता को सावधान रहने की अपनी करते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। प्रदेश को भिखारी बनाने वाले लोग यहां के लोगों को भिखारी कहते हैं। हमारी सरकार सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति पर चलती है। 

मायावती ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश में कानून का राज कायम किया है कानून व्यवस्था सभी स्तर पर कायम है। विपक्षी दल घिनौने हथकंडे अपनाकर हमें और हमारी पार्टी को बदनाम करना चाहते हैं। सपा व भाजपा ने भ्रष्टाचार व गुण्डई हमें विरासत में दी थी जिसका असर हमारी पार्टी पर भी पड़ा। चुनाव आयोग पर भी मायावती ने आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग ने पार्कों में लगी हाथियों की मुर्तियों को ढ़कवा दिया इससे हमारा खुला हाथी जो लाख का होता अब वह सवा लाख का हो गया है।

उन्होंने कहा कि इस दिन सभी लोग वोट डालने जरूर जाए और ऐसी गलती न करें कि सपा, भाजपा व कांग्रेस की सरकार बनें। सभा स्थल पर सुबह से ही लोग पहुंचना शुरू हो गए थे। सभा स्थल पर 100 के करीब ध्वनि विस्तारक यंत्र लगे थे। मंच के सामने दो काली हाथियों की मुर्तियों को लगाया गया था। चारों विधानसभा क्षेत्रों से लोगों का लाने का काम शुक्रवार की शाम से ही शुरू कर दिया गया था। सभा स्थल के बीच में महिलाओं के पाण्डाल में एक बार महिलाओं ने प्यास से बिलबिला कर हल्ला मचाना शुरू कर दिया था।

Add comment