उत्तर प्रदेश में उभर रही पीस पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी पर टिकट के बदले इज्जत लूटने का आरोप लगा है. संयोग से यह आरोप किसी और ने नहीं बल्कि उन्ही की पार्टी की एक महिला नेता और जिला पंचायत सदस्य ने लगाया है...
पीस पार्टी की महिला नेता सुनीता मित्रा से आशीष वशिष्ठ की बातचीत
आपने पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अय्यूब पर टिकट के बदले इज्जत मांगने के आरोप लगाए हैं, आखिर पूरा मामला क्या है?
मैं पिछले कई सालों से राजनीति में हूं। मैंने बसपा के बैनर तले राजनीति की शुरुआत की थी, लखीमपुर से जिला पंचायत सदस्य हूं। बसपा में बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हुए डॉ. अय्यूब के कहने पर पीस पार्टी से जुड़ी। पिछले साल ही डॉ. अय्यूब ने शाहजहांपुर में हरदोई की गोपामउ सीट से मुझे पीस पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन टिकट की घोषणा इसी महीने की थी। बीते 13 जनवरी को मुझे लखनऊ की मेट्रो सिटी स्थित डॉ. अयूब अंसारी के मकान में ‘जरूरी काम है’ कहकर बुलाया गया था।
लखीमपुर से लखनऊ आप किसके साथ आयी थी?
पीस पार्टी के नेता इनामुल, एमजे खान,डॉ. अवनीश और उस्मान मुझे इनोवा गाड़ी में लखीमपुर से लखनऊ डॉ. अय्यूब के मैट्रो सिटी स्थित मकान में लाये थे। ये चारों डॉ. अय्यूब के करीबी हैं।
लखनऊ पहुंचने के बाद क्या हुआ?
लखनऊ में डॉ. अयूब के मकान पर देर रात तक पार्टी की बैठक चली। इसके बाद रात के करीब दो बजे मुझे डॉ. अयूब के कमरे में भेज दिया गया। वहां डॉ. अय्यूब टिकट के बदले में अपना इनाम मांगने लगे। उन्होंने मुझसे कहा कि 'सुनीता जी आप टिकट के बदले पैसा नहीं दे सकती हैं तो इज्जत तो दे सकती हैं।' इसके बाद हमारे बीच हाथापाई हुई। चूँकि वह पिछले दिनों एक दुर्घटना के बाद से घायल हैं और शरीर को बहुत सक्रिय नहीं कर सकते, इसलिए मैं उनसे बाजु छुड़ाकर भागने में कामयाब हुई.
जिस समय यह घटना घटी उस समय वहां आप दोनों के अलावा कोई और भी मौजूद था?
जी हाँ, उस समय डॉ. अय्यूब और मेरे अलावा पीस पार्टी के नेता इनामुल, एमजे खान, डॉ. अवनीश और उस्मान भी आवास में मौजूद थे। मेरे विरोध करने पर इन चारों ने मुझे दूसरे कमरे में बंद कर दिया और मेरा मोबाइल भी मुझसे छीन लिया। रात तीन बजे मुझे कमरे में बंद करने के बाद इन लोगों ने सुबह नौ बजे दरवाजा खोला। सुबह मैंने घटना की जानकारी अपने पति आनंद मित्रा को दी। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ आकर मुझे वहां से निकाला।
क्या आपके साथ कभी पहले भी ऐसा कुछ हुआ था?
नहीं, पहले ऐसा कुछ नहीं हुआ। हाँ, डॉ. अय्यूब फोन पर अश्लील बातें करने की कोशिश जरूर करते थे, जिसे में हंसी-मजाक समझकर टाल जाती थी। लेकिन वो इस हद तक गिर जाएंगे, मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। इनका नाम डॉ. अय्यूब नहीं शैताने अय्यूब होना चाहिए। जांच एजेंसियों को इनकी जांच करनी चाहिए कि आखिर इनके पास इतना पैसा कहां से आया है। मुझे शक है लोगों की किडनी बेच-बेचकर इसने करोड़ों रुपये जमा किये हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।
पीस पार्टी में ऐसा पहले भी होता रहा है?
देखिए पीस पार्टी में कई महिला नेता डॉ. अय्यूब से पीडि़त हैं, लेकिन लोकलाज के चलते वो सामने आने का साहस नहीं जुटा पा रही हैं। पीपीआई में पुरुष प्रत्याशियों से टिकट देने के एवज में 2-2 करोड़ रुपए मांगे जा रहे हैं। लखीमपुर के नामे महाराज ने टिकट के बदले दो करोड़ रुपये दिये थे, बाद में उनका टिकट भी काट दिया गया। जो महिला प्रत्याशी पैसा देने की हैसियत में नहीं है, उनसे इज्जत का सौदा करने के लिए कहा जा रहा है।
क्या आपने इस मामले की शिकायत किसी थाने में दर्ज करवाई है?
लखनऊ जनपद के महानगर थाने में मैंने शिकायत दर्ज करवाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने दबाव में आकर मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद मैंने लखीमपुर पहुंचकर जिला अदालत में मामला दर्ज करवाया है। डॉ. अय्यूब के गुर्गे और पीस पार्टी के नेता फोन पर लगातार मुझ पर रिपोर्ट वापिस लेने का दबाव बना रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं। लेकिन मेरे पति, स्थानीय लोग और लखीमपुर खीरी के जिला अध्यक्ष से मुझे पूरा सहयोग मिल रहा है। मैं पीछे हटने और डरने वाली नहीं हूं।
सुनीता जी, जब डॉ, अय्यूब आपको अश्लील फोन करते थे तो आपने पहले ही इसका विरोध क्यों नहीं किया। चुनाव के समय कहीं ये आपका पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं?
नही, ये कोई चुनावी स्टंट नहीं है। कोई भी औरत अपनी इज्जत दांव पर लगाकर ऐसे आरोप किसी पर नहीं लगाएगी। लोकलाज के कारण ऐसी घटनाएं हाईलाइट नहीं हो पाती हैं। देखिए डॉ. अय्यूब के फोन को मैं हंसी-मजाक ही समझती थी। मैंने बोलने की हिम्मत की है और अब मैं डॉ. अय्यूब की हकीकत सामने लाकर रहूंगी।
आरोप लग रहा है कि आप दूसरे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर पीस पार्टी को बदनाम कर रही हैं?
पीस पार्टी के नेता ये दुष्प्रचार कर रहे हैं कि समाजवादी पार्टी के नेताओं से मेरी मिलीभगत है, लेकिन ये सच्चाई नहीं है। समाजवादी पार्टी के किसी भी नेता ने मुझे ऐसा करने के लिये नहीं कहा है। जो मेरे साथ हुआ था, मैं वही कह रही हूं इसके अलावा सब बकवास है।
तो क्या अब भी आप चुनाव लड़ेंगी?
मैं चुनाव लडूंगी या नहीं यह अलग बात है, लेकिन एक बात साफ है कि मैं पीस पार्टी ऑफ इण्डिया के खिलाफ चुनाव प्रचार जरूर करूंगी और जनता को पीस पार्टी का असली चेहरा और हकीकत बताऊंगी। डॉ. अय्यूब जैसे लोग अगर ताकत पा जाएंगे तो सूबे में औरतों का जीना हराम हो जाएगा।



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