तासीर की हत्या मामले में मुकदमें की पैरवी कर रहे विशेष सरकारी वकील सैफूल मल्लुक ने मीडिया को बताया कि ‘पाकिस्तानी सरकार ने यह फैसला मामले की गंभीरता के मद्देनजर लिया है।’ इससे पहले वकीलों का एक समूह भी न्यायाधीश परवेज अली शाह को उनके चेंबर में घुसकर इस मामले में धकमा चुका था...
जनज्वार.पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर रहे सलमान तासीर की हत्या के आरोपी को फांसी की सजा सुनाने वाले आतंकवाद निरोधी न्यायालय के न्यायाधीश परवेज अली शाह को अतिवादी धार्मिक समूहों की जान से मारने की धमकियों के बाद देश छोड़कर सउदी अरब में परिवार समेत शरण लेनी पड़ी है।
पाकिस्तानी सरकार ने यह फैसला पाक अधिकृत क’मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुलाम मुस्तफा मुगल पर जानलेवा हमले के बाद लिया है।तासीर की हत्या मामले में मुकदमें की पैरवी कर रहे विशेष सरकारी वकील सैफूल मल्लुक ने मीडिया को बताया कि ‘पाकिस्तानी सरकार ने यह फैसला मामले की गंभीरता के मद्देनजर लिया है।’ इससे पहले वकीलों का एक समूह भी न्यायाधीश परवेज अली शाह को उनके चेंबर में घुसकर इस मामले में धकमा चुका था।
गौरतलब है कि सलमान तासीर के हत्यारे मलिक मुमताज हुस्सैन कादरी ने खुद ही स्वीकार किया था कि उसने गवर्नर की हत्या की है। पंजाब प्रांत के गवर्नर रहे सलमान तासीर सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता थे, जिनकी हत्या इस्लामाबाद के एक बाजार में उनके सुरक्षा गार्ड ने 4 जनवरी को कर दी थी।
गवर्नर की हत्या के बाद आंतरिक मामलों के तत्कालीन मंत्री रहमान मल्लिक ने हत्यारे के बयानों के आधार पर मीडिया को बताया था कि ‘सलमान तासिर की हत्या उनके गार्ड ने इसलिए की क्योंकि वह धार्मिक कानून ‘ब्लास्फेमी कानून’ का विरोध करते थे।
पाकिस्तान में ब्लास्फेमी कानून के तहत प्रावधान है कि अगर किसी ने मुस्लिम देवता ‘पैगंबर’ के खिलाफ कुछ कहा तो उसे फांसी की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि इस कानून का फायदा वहां के अतिवादी मुस्लिम संगठन और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बहुसंख्यक समुदाय उठाया करते हैं, जिसकी आलोचना का साहस सलमान तासिर अपने सार्वजनिक जीवन में किया करते थे।



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