'फ्लेम्स ऑफ़ द स्नो' फिल्म दुनिया की ऐसी दुर्लभ डाक्युमेंट्री होगी जिसे किसी देश के 42 सिनेमाघरों में एक साथ व्यावसायिक तौर पर रिलीज होने का सम्मान मिला.फिल्म रिलीज हुई तो नेपाल की जनता परदे पर खिंची चली गयी...
नेपाल के माओवादी आंदोलन को केंद्र में रखकर बनायी गयी फिल्म ‘फ्लेम्स ऑफ़ द स्नो’ का हिंदी डब ‘बर्फ की लपटें’ को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में राजेंद्र माथुर सभागार में 20 मई को दिखाया जायेगा.संदर्भ, रूपांकन और प्राची नाम की संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस फिल्म शो का प्रदर्शन शाम छह बजे से होगा.भारत में इस फिल्म का यह चैथा प्रदर्शन होगा.इससे यह फिल्म मुंबई, लखनउ और गोरखपुर में दिखायी जा चुकी है.कार्यक्रम में फिल्म के निर्माता आनंद स्वरूप वर्मा भी मौजूद रहेंगे.
आशीष श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी फिल्म ‘फ्लेम्स ऑफ़ द स्नो’ के हिंदी डब ‘बर्फ की लपटें’ के कवर पेज पर फिल्म के बारे में जानकारी दी गयी है कि ‘यह दुनिया की ऐसी दुर्लभ डाक्युमेंट्री होगी जिसे किसी देश (नेपाल में) के 42 सिनेमाघरों में एक साथ व्यावसायिक तौर पर रिलीज होने का सम्मान मिला है.जब यह फिल्म रिलीज हुई तो नेपाल की जनता उस कहानी को परदे पर देखने के लिए खिंची चली गयी, जिसकी नायक वह खुद थी.’
कवर पर फिल्म के बारे में आगे कहा गया है कि ‘इस फिल्म के प्रीमियर में नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहाल ‘प्रचंड’ और मौजुदा प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई समेत ऐसे अनेक लोग थे, जिन्होंने नेपाल की जनता के संघर्ष को अमेरिकी साम्राज्यवाद और नेपाली राजशाही, दोनों के लिए अपराजेय चुनौती बना दिया था.नेपाल के जनयुद्ध में सारी दुनिया के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा.’
इंदौर में होने जा रहे फिल्म शो के आयोजकों में से एक ‘रूपांकन’ संस्था के अशोक दूबे ने बताया कि, ‘नेपाल में नये समाज की रचना का संक्रमण काल चल रहा है, लेकिन नेपाल के क्रांतिकारी राजशाही से मुक्ति की पहली बाधा पार कर चुके हैं.उनकी इंकलाबी कोशिशों के कामयाबी के एक पड़ाव तक पहुंचने की कहानी इस डाक्युमेंट्री के माध्यम से बाकी दुनिया के सामने लाने की काशिश पत्रकार आनंद स्वरूप वर्मा और फिल्म निर्देशक आशीष श्रीवास्तव ने किया है.


