पुलिस ने जब लिंगाराम पर माओवादी प्रवक्ता के बतौर भर्ती का यह आरोप लगाया था उस समय वह दिल्ली के करीब रहकर पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा था। जिसके बाद इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के वरिश्ठ वकील प्रषांत भूशण और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेष ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसकी जान बचायी थी...
जनज्वार. दिल्ली में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे आदिवासी छात्र लिंगाराम कोड़ोपी को कल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ पुलिस ने की है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के एसपी के आदेष पर लिंगाराम के पैतृक निवास से उसकी गिरफ्तारी की गयी है। पुलिसकर्मियों का एक दस्ता अभी उसके घर उसकी फुआ सोरी सोदी को गिरफ्तार करने के लिए डटा हुआ है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी पूलिस उसे माओवादी साबित करने के असफल प्रयास कर चुकी है, जिसके बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी और पुलिस ने इस मामले को गोलमोल कर दिया था। जुलाई 2010 में दंतेवाड़ा के तत्कालीन एसपी ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया था कि माओवादी प्रवक्ता आजाद की हत्या के बाद माओवादी पार्टी उसे अपना प्रवक्ता बनाना चाहती है।
पुलिस ने जब लिंगाराम पर माओवादी प्रवक्ता के बतौर भर्ती का यह आरोप लगाया था उस समय वह दिल्ली के करीब रहकर पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा था। जिसके बाद इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के वरिश्ठ वकील प्रषांत भूशण और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेष ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसकी जान बचायी थी।
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस की एक विषेश टीम अभी भी उसके घर पर उसकी फुआ सोरी सोदी को गिरफ्तार करने के लिए मुस्तैद है। सोरी सोदी एक स्कूल में अध्यापिका हैं जो लगातार पुलिस उत्पीड़न का षिकार होती रही हैं। इस मामले में सोरी को पुलिस इसलिए गिरफ्तार करने गयी है कि उन्होंने लिंगाराम कोड़ोपी का मामला अदालत तक ले जाने का साहस किया है।
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