यह दूसरा मौका है जब इप्सा की कान्फ्रेस लखनऊ विश्वविद्यालय में होने जा रही है, इससे पूर्व छह दिसंबर 1943 को पहली बार लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग में कान्फ्रेस आयोजित की गयी थी...
जनज्वार. लखनऊ विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन की मेजबानी में 28 दिसंबर से भारतीय राजनीत विज्ञान परिषद (आईपीएसए) की 54वीं कान्फ्रेस में देशभर के राजनीतिक विशेषज्ञ जुटेंगे। वे देश के लोकसभा व विधानसभा चुनावों समेत अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनावों पर भी गहन मंथन चिंतन होगा।

गौरतलब है कि आईपीएसए भारतवर्ष में राजनीति विज्ञान के शिक्षकों, अध्येताओं की सर्वोच्च एवं विशालतम अकादमिक एवं व्यवासायिक संस्था है। परिषद वर्ष 1938 से आज तक निरंतर राजनीति विज्ञान विषय में देश-विदेश के शोधार्थियों के मध्य सम्पर्क एवं अन्तःक्रिया का सक्रिय मंच है। वर्तमान में इप्सा के तीन हजार स्थायी सदस्य हैं। एसोसिएशन राजनीति शास्त्र के त्रैमासिक जर्नलस का भी प्रकाशन करती है।
कान्फ्रेंस के आर्गेनाइजिंग सक्रेटरी लविवि के लोक प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 मनोज दीक्षित ने जनज्वार से बातचीत में बताया कि यह दूसरा मौका है जब इप्सा की कान्फ्रेस लखनऊ वि’वविद्यालय में होने जा रही है. इससे पूर्व छह दिसंबर 1943 को को पहली बार लविवि के राजनीति शास्त्र विभाग में कान्फ्रेस आयोजित की गयी थी. उस समय लोक प्रशासन विभाग राजनीति शास्त्र विभाग का ही हिस्सा हुआ करता था। प्रो0 दीक्षित ने बताया कि इप्सा का गठन आजादी पूर्व 1938 में हुआ था। 1 दिसंबर 1938 को एसोसिएशन की प्रथम कान्फ्रेस का आयोजन बनारस में इप्सा के तत्कालीन अध्यक्ष जीबी पंत के मार्गदर्शन में हुआ था।
तीन दिवसीय कान्फ्रेस में 65 प्रोफेसर, 143 एसोसिएट प्रोफेसर, 347 असिस्टेंट प्रोफेसर, 227 शोध छात्र व 139 अन्य लोग शामिल होंगे। पहले दिन का कार्यक्रम गोमतीनगर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल के सभागार में होगा।
उद्घाटन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व सदस्या प्रो0 टीआर केम करेंगे। भीमराव अंबेडकर मुक्त विवि अहमदाबाद गुजरात के कुलपति प्रो0 मनोज सोनी, कुमाऊं विवि के पूर्व कुलपति प्रो0 सीपी बर्थवाल, राष्ट्रीय विधि विवि आफ उड़ीसा के कुलपति फैजान मुस्तफा, लविवि के कुलपति प्रो0 मनोज कुमार मिश्र समेत अन्य विद्वतजन अपने विचार व्यक्त करेंगे।
प्रो0 दीक्षित ने बताया कि कान्फ्रेंस के लिए 14 पैनेल्स तैयार किए गए हैं, जिसमें राजनीति ‘शास्त्र के विभिन्न पहलुओं एवं भारतीय राजनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश को भी प्रमुखता से रखा गया है।
उत्तर प्रदेश पर आधारित विषय पर मेरठ विवि के प्रो0 एसके चतुर्वेदी, बीएचयू के प्रो0 कौशल किशोर मिश्र, बीबीएयू लखनऊ के प्रो0 रिपुसूदन सिंह व्याख्यान देंगे। वर्तमान में प्रो0 सीपी बर्थवाल इप्सा के अध्यक्ष एवं मेरठ विवि के संजीव कुमार शर्मा जनरल सेक्रेटरी हैं।
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lagta hai taiyari bahut aachi ho rahi hai, badhai
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