गौतम बुद्व प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबंद्व फैक्लटी ऑफ़ आर्किटेक्चर के बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर डिग्री का रजिस्ट्रेशन काउंसिल ऑफ़ आर्किटेक्चर ने पिछले छह वर्षों निरस्त कर कॉलेज को नो एडमिशन श्रेणी में डाल दिया था...
लखनऊ. काउंलिस ऑफ़ आर्किटैक्चर से रजिस्ट्रेशन के लिए आंदोलनरत गौतम बुद्व प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबंद्व फैक्लटी ऑफ़ आर्किटेक्चर के छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने खाली हाथ वापिस लौटा दिया। कॉलेज प्रशासन के रवैये से परेशान छात्र मदद की उम्मीद से प्राविधिक विवि के कुलपति और रजिस्ट्रार से मिलने गुरूवार गये थे।

रजिस्ट्रार ने तो व्यस्तता का बहाना बनाकर छात्रों को दो जनवरी के बाद संपर्क करने को कहा। वहीं एक घंटे के इंतजार के बाद विवि के कुलपति प्रो0 कृपाशंकर सिंह से छात्रों से मिले। कुलपति ने रजिस्ट्रेशन के मामले में साफ तौर छात्रों की मदद करने से इंकार कर दिया। कुलपति और रजिस्ट्रार के असहयोगपूर्ण रवैये से खफा छात्र अब 10 जनवरी तक कोर्ट जाने का मन बनाया है।
गौरतलब है कि गौतम बुद्व प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबंद्व फैक्लटी ऑफ़ आर्किटेक्चर के बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर डिग्री का रजिस्ट्रेशन काउंसिल ऑफ़ आर्किटेक्चर ने पिछले छह वर्षों निरस्त कर कॉलेज को नो एडमिशन श्रेणी में डाल दिया था। काउंसिल के निर्णय के विरोध में कॉलेज प्रशासन ने अदालत का रूख किया था, फिलाहल ये मामला अदालत में चल रहा है।
बावजूद इसके कॉलेज हर वर्ष निरंतर छात्रों को दाखिला दे रहा है, और इस पर तुर्रा यह है कि कॉलेज ने सीटों का कोटा 40 से बढ़ाकर 60 कर दिया है। छात्रों को जो डिग्री मिल रही है उसका रजिस्ट्रेशन काउंसिल से न होने की वजह से डिग्री की कोई महत्व नहीं है। छात्रों के आंदोलन के कारण कॉलेज के प्रिंसिपल मुकुल सिंह 19 दिसंबर से कॉलेज से नदारद हैं।
कॉलेज और विवि प्रशासन के हाथ खड़े करने से निराश छात्र कोर्ट की शरण में जाने का निर्णय किया है। छात्रों का दावा है कि कॉलेज के रजिस्ट्रेशन के संबंध में एक मामला कोट्र में विचाराधीन है। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन ने अंधेरे में रखकर छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया जारी रखी। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के इस कृत्य में विवि प्र’ाासन भी बराबर का भागीदार है। छात्र 10 जनवरी तक कोर्ट की शरण लेंगे।