Last Update : 05 01 2018 07:20:04 PM

नए साल में बेसहारा बुजुर्गों—अनाथों का सहारा बना 'आसरा'

इरशाद मेव ने कहा कि हम बेसहारा बुजुर्गों को अहसास तक नहीं होने देंगे कि इस दुनिया में उनका कोई नहीं है। हम सभी 'आसरा' के सदस्य बुजुर्गों को अपने माँ-बाप की तरह इज्जत के साथ रखेंगे और हमारी संस्था सभी बुजुर्गों को नि:शुल्क खाना, रहना, कपड़े, दवाओं और पहचान की शिक्षा भी देंगे...

नूंह, हरियाणा। जब नए साल की शुरुआत होती है या फिर पिछला साल का आख़िरी दिन होता है तो हर एक इंसान अपने लिए नए साल के लिए या समाज के लिए कुछ बेहतर सोच के साथ नए वर्ष की शुरुआत करता है। ऐसी ही कुछ सोच के साथ हरियाणा के नूंह जिले के सामाजिक कार्यकर्ता एवं इस्लामिक मिशन ट्रस्ट के संयोजक इरशाद मेव ने बेसहारा बुजुर्गों के लिए 'आसरा' नाम के सामाजिक संगठन की शुरुआत की है।

इसके लिये नए वर्ष के उपलक्ष्य में 'आसरा' का उदघाटन कार्यक्रम नंगली रोड वार्ड नं-2 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जिला नूंह में इसका आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाले समाजसेवी, जनप्रतिनिधियों, फ़िल्म जगत, वकील, पत्रकार एवं छात्र शामिल हुए। मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा वक्फ़ बोर्ड की चेयरमैन व पुन्हाना विधायक रहीशा खान मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरे नए साल की शुरुआत इतने नेक कार्य से हो रही है, जिसमें बेसहारा बुजुर्गों व अनाथ बच्चों के सामाजिक कार्य में शामिल होने का मौका मिला।

विधायक रहीशा खान ने कहा कि मैं इस मिशन के लिए 'आसरा' का बधाई देती हूँ और हरियाणा वक्फ़ बोर्ड से 'आसरा' के लिए पर्याप्त ज़मीन व उस पर बिल्डिंग बनाने के लिए होने वाले ख़र्च में सहयोग देने का आश्वासन दिया।

इस कार्यक्रम में 'आसरा' के उद्देश्य व मिशन के बारे में बताते हुए इस्लामिक मिशन ट्रस्ट से ज़ुड़े व आसरा के संस्थापक इरशाद मेव ने कहा कि हम बेसहारा बुजुर्गों को अहसास तक नहीं होने देंगे कि इस दुनिया में उनका कोई नहीं है। हम सभी 'आसरा' के सदस्य बुजुर्गों को अपने माँ-बाप की तरह इज्जत के साथ रखेंगे और हमारी संस्था सभी बुजुर्गों को नि:शुल्क खाना, रहना, कपड़े, दवाओं और पहचान की शिक्षा भी देंगे।

अमेरिका से आई परवीन बानो ने बतौर मुख्य अतिथि कहा, मैं अमेरिका से इसलिए आयी हूँ कि आसरा के साथ जुड़कर मेवात के लोगों की सेवा कर सकूँ। मैं मेवात की बेटी बनकर मेवात के लिए कार्य करना चाहती हूँ।

वहीं G.D. Goenka University से नुसरत जहाँ ने कहा कि आज के समय हर कोई अपने बच्चों का भविष्य बनाने में माँ-बाप को अक्सर तवज्जो नहीं देते हैं, इसलिये हम सबको अपने बुजुर्गों की खिदमत करनी चाहिए और यही हमारा एक सच्चे इन्सान होने का वजूद है।

वहीं JNU से आये छात्रनेता दिलीप यादव ने कहा कि 'आसरा' की शुरुआत अपने आप में एक नेक काम है और मुझे ख़ुशी है कि नए वर्ष पर इस उदघाटन समारोह का हिस्सा बना। इसके लिए मेवात की इस सरजमीं को धन्यवाद देता हूँ जो मुझे इस नेक में आने का आमंत्रण मिला।

'आसरा' के इस उदघाटन समारोह में पधारीं मिस इंडिया 2nd रनरअप रहीं इंदु कक्कड़ ने कहा कि बेसहारा लोगों की मदद करना हमारा सौभाग्य है। जब भी मौका मिलेगा नूंह आती रहूँगी और बुजुर्गों की सेवा के लिये मदद करती रहूँगी। मिस दिल्ली रह चुकी वीणा सूर्यवंशी व एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष नशीम खान भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

अंत में शाहपुर नांगली के सरपंच अब्दुल्ला ने कहा कि बेसहारा बुजुर्गों व अनाथ बच्चों की सेवा का काम मेरे जन्मभूमि से शुरू हुआ यह व्यक्तिगत मेरे लिए बहुत ख़ुशी का विषय है। मैं इसके लिए इस्लामिक मिशन ट्रस्ट को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूँ कि मुझे बेसहारा लोगों को खिदमत करने का मौका मिलेगा।

उदघाटन कार्यक्रम में हाईकोर्ट से फारूख अब्दुल्ला, इरफान अंसारी, इनसो प्रेसीडेंट शाकिर सलाहेडी, राशिद रहना और समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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Posted On : 05 01 2018 07:20:04 PM

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