Last Update : 08 11 2017 02:58:02 PM

यह कोई परित्यक्ता नहीं, दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष हैं

14 नवम्बर तक दिन रात ऑफिस और फील्ड में रहकर काम करेंगी, घर नहीं जाएँगी आयोग की चेयरपर्सन स्वाति जयहिन्द

दिल्ली, जनज्वार। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिन्द छोटी बच्चियों के रेपिस्टों को 6 महीने में फांसी दिलवाने की मांग को लेकर 14 नवम्बर तक दिन—रात काम करके विरोध प्रकट करेंगी। इस दौरान आयोग की चेयरपर्सन घर नहीं जाएँगी, बल्कि ऑफिस और फील्ड में रहकर काम करेंगी।

स्टोरी में लगी तस्वीर उसी अभियान का हिस्सा है, जिसमें वह 9 तारीख को बलात्कार पीड़ित एक बच्ची के अस्पताल में भर्ती के दौरान रातभर वहीं रहीं और सोईं।

अध्यक्ष स्वाति जयहिन्द का कहना है कि वे केंद्र सरकार से दो साल से मांग कर रही हैं कि एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, एलजी, दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली महिला आयोग को भी शामिल किया जाए।

ये सब लोग मिलकर दिल्ली की महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए ठोस निर्णय ले सकें और 6 महीने में छोटी बच्चियों के रेपिस्ट को फांसी कैसे हो, इसका ढांचा तैयार करे। लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी आज तक हाई लेवल कमेटी नहीं बनाई गई है और रेप नहीं रुक रहे हैं।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने सरकारों से मांग की है एक साथ मिलकर बाल दिवस से पहले प्रारूप बनाया जाए कि छोटी बच्चियों के रेपिस्ट को फांसी 6 महीने में फांसी की सजा दी जाये। अपनी इस मांग को लेकर आयोग की चेयरपर्सन आन्दोलन कर रही हैं और बाल दिवस 14 नवम्बर तक घर न जाकर दिन रात काम करेंगी और ज्यादा से ज्यादा काम करके अपना विरोध दर्ज करवायेंगी।

आयोग की चेयरपर्सन स्वाति जयहिन्द ने कहा की उन्होंने हर स्तर पर प्रयास कर लिया है, पत्र लिख लिए, मंत्रियो से मिल ली, कोर्ट चले गए लेकिन समस्या का हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा से ज्यादा काम करके अपना विरोध प्रकट करने के अलावा मेरे पास कोई और रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक छोटी बच्चियों के रेपिस्टों को फांसी नहीं दी जाएगी, तब तक कुछ नहीं बदलेगा। लोगों में सिस्टम का डर नहीं बैठेगा।

जनपक्षधर पत्रकारिता को सक्षम और स्वतंत्र बनाने के लिए आर्थिक सहयोग दें। जनज्वार किसी भी ऐसे स्रोत से आर्थिक मदद नहीं लेता जो संपादकीय स्वतंत्रता को बाधित करे।
Posted On : 08 11 2017 01:59:31 PM

आंदोलन