Last Update : 03 11 2017 07:58:49 PM

इस साल जमकर बर्फबारी होगी उत्तराखण्ड में

मौसम परिवर्तन पर जर्मनी के साथ शोध कर रहे वैज्ञानिक कोटलिया ने की भविष्यवाणी, कहा लानिना व पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड में होगा भारी परिवर्तन

नैनीताल, उत्तराखण्ड। बीते कुछ वर्षों से अनियमित मौसम के बाद सर्दियों में नैनीताल सहित उत्तराखंड के कई हिस्सों में हिमपात व वर्षा नहीं होने से सूखे की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन इस बार ठंडियों में इसका उलटा होने जा रहा है।

इस बार लानिना व पश्चिमी विक्षोभ मौसम को काफी हद तक प्रभावित करेगा। लानिना व पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखण्ड में भारी हिमपात व वर्षा के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र कड़ाके की ठंड से बुरी तरह प्रभावित रहेंगे।

वैज्ञानिकों के अनुसार बीते शीतकाल में अलनिनो के कारण मौसम प्रभावित रहा। इस बार लानिना मौसम को प्रभावित कर रहा है। शीतकाल में भारी वर्षा व हिमपात होने की पूरी सम्भावना है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, खलियाटाप, कालामुनि सहित ऊंचाई वाले इलाकों में अक्टूबर में हिमपात होना इस बात के संकेत हैं कि इस बार उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी हिमपात व वर्षा होगी।

जर्मनी के वैज्ञानिकों के साथ गुफा लिंगों के माध्यम से मौसम परिवर्तन पर जर्मनी के वैज्ञानिकों के साथ लम्बा शोध कर रहे यूजीसी के वैज्ञानिक डॉ. बहादुर सिंह कोटलिया ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण पूरे विश्व के मौसम में अप्रत्याशित बदलाव आया है। इसका प्रभाव उत्तर भारत सहित हिमालयी राज्यों में भी देखने को मिला है।

बीते कुछ वर्षों से शीतकाल में नैनीताल सहित उत्तराखंड के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति बनी रही। यह अलनिनो का प्रभाव था कि इस बार लानिनां व पश्चिमी विक्षोभ मौसम चक्र को प्रभावित करेगा। इस बार सामान्यतया उत्तराखंड मे ठीकठाक वर्षा भी हुई है। अतिवृष्टि की घटनाएं अधिक नहीं हुईं। मौसम चक्र में सुधार आया है।

इस बार लानिना व पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण शीतकाल में कई स्थानों में भारी हिमपात व कई स्थानों में सामान्य हिमपात के साथ ही अच्छी वर्षा के आसार हैं। डॉ. कोटलिया का कहना है कि इस वर्ष मौसम परिवर्तन के कारण भारतवर्ष के उन स्थानों में भी भारी वर्षा हुई, जहां लम्बे समय से सूखा पड़ रहा था।

अच्छी वर्षा के बाद मौसम चक्र में सुधार आया है। इस बार लानिना व पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण यह कहा जा सकता है कि पिछले वर्षों के उलट इस बार सर्दियों में वर्षा और बर्फबारी संतोषजनक रहेगी।

Posted On : 03 11 2017 07:56:52 PM

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