Last Update : 13 11 2017 11:12:20 AM

चलती ट्रेन में मां—बेटी से बलात्कार की कोशिश, इज्जत बचाने के लिए कूदीं

पहले जीआरपी ने छेड़ने वालों को पकड़ा फिर पैसा लेकर दिया छोड़

अश्लीलता की हदें पार करते हुए रात दो बजे चारों बदमाशों ने बेटी को दबोच लिया। उसका बलात्कार करने की कोशिश की। इज्जत बचाने के लिए मां—बेटी चलती ट्रेन से कूद गईं...

कानपुर। चलती ट्रेन से मां—बेटी ने कूदकर छलांग लगा दी, क्योंकि कुछ मनचले उन्हें छेड़ रहे थे। अपनी इज्जत बचाने के लिए दोनों चलती ट्रेन से कूछ पड़ीं। यह घटना 11 नवंबर की देर रात हावड़ा से नई दिल्ली जा रही ट्रेन में घटी।

गंभीर रूप से घायल मां-बेटी लहूलुहान हालत में कानपुर के चंदारी पुलिस स्टेशन पहुंचीं।  चलती ट्रेन से कूदने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। लोकल लोगों के सहयोग से पुलिस ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मां—बेटी को 12 नवंबर की सुबह हैलट अस्पताल इलाज के लिए भर्ती किया गया।

इस घटना की सूचना मिलने पर वहां से एक महिला सिपाही के साथ जीआरपी हैलट पहुंची, जहां से वह पीड़ित मां—बेटी को अपने साथ ले गई। पीड़िताओं की आपबीती सुनने के बाद इस घटना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

इलाहाबाद के एसपी, रेलवे के मुताबिक इस मामले में महिला के बयान के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही के मददेनजर फतेहपुर जीआरपी की एक महिला सिपाही समेत एक दरोगा को निलंबित कर दिया।

घटनाक्रम के मुताबिक नई दिल्ली के गीता कॉलोनी की एक महिला अपनी किशोर बेटी के साथ अपनी बीमार मां को देखने अपने मायके कोलकाता स्थित ओलसोना गई थी। 9 नवंबर को महिला की मां की मौत हो गई थी, जिसके बाद महिला अपनी बेटी के साथ 10 नवंबर को अपने चचेरे भाई नजरू के साथ हावड़ा से आनंद विहार जा रही डुप्लीकेट कालका एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही थी।

पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि ट्रेन में सवार चार बदमाश लड़कों ने 11 नवंबर की दोपहर बाद उसकी बेटी से छेड़खानी शुरू कर दी। मुगलसराय में जब उसे शिकायत की तो जीआरपी वहां पहुंची और मनचलों को ट्रेन से उतारा, मगर वे लड़के फिर से ट्रेन में चढ़ गए। इस मामले में पहले जीआरपी ने छेड़ने वालों को पकड़ा, फिर पैसा लेकर छोड़ दिया।

जब इन चारों लड़कों ने मां—बेटी के साथ बदसलूकी और अश्लील फब्तियां कसनी जारी रखी तो फतेहपुर से पहले रसूलाबाद में ट्रेन रुकने के बाद दोनों मां—बेटी अपना सामान ट्रेन में छोड़ उतर गईं और शिकायत दर्ज की। वहां मौजूद सिपाहियों ने दोनों को जीआरपी फतेहपुर पहुंचा दिया। मां-बेटी ने ट्रेन में सामान छूटने की जानकारी दी तो फतेहपुर जीआरपी ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर फोन कर सामान उतरवा दिया और कुछ देर बाद इलाहाबाद-ऊधमपुर एक्सप्रेस से मां-बेटी को कानपुर रवाना कर दिया।

पीड़ित महिला के मुताबिक फतेहपुर से फिर वो चारों बदमाश लड़के ऊधमपुर एक्सप्रेस में उन्हें मिल गये। अश्लीलता की हदें पार करते हुए रात दो बजे चारों बदमाशों ने बेटी को दबोच लिया। उसका बलात्कार करने की कोशिश की। अपनी इज्जत बचाने के लिए हम दोनों मां—बेटी चंदारी स्टेशन के पास चलती ट्रेन से कूद गईं।

Posted On : 13 11 2017 11:05:46 AM

समाज