Last Update : 17 05 2018 10:02:43 AM

आज भाजपा की जीत का नहीं लोकतंत्र की हार का शोक दिवस : राहुल गांधी

आधी रात को यानी 1:45 मिनट पर सर्वोच्च न्यायालय के तीन जजों की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई शुरू की। तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चली सुनवाई के बाद भी नतीजा वही ढाक के तीन पात...

हाई प्रोफाइल राजनीतिक ड्रामे के बाद वही हुआ, जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी। कर्नाटक के राज्यपाल ने बहुमत न होने के बावजूद 25वें सीएम के बतौर भाजपा के बीएस येदियुरप्‍पा को शपथ दिलवा दी है।

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कल आधी रात को यानी 1:45 मिनट पर सर्वोच्च न्यायालय के तीन जजों की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई शुरू की। तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चली सुनवाई के बाद भी नतीजा वही ढाक के तीन पात।

कोर्ट ने कहा कि वह शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लगा सकती। कोर्ट ने कांग्रेस की तरफ से बहस कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी की इस मांग को भी खारिज कर दिया कि शपथ ग्रहण समारोह को 17 मई की 4:30 बजे तक के लिए टाल दिया जाए। कोर्ट ने कहा तय समय पर ही बीएस येदियुरप्पा शपथ ग्रहण करेंगे।

कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) का पलड़ा भारी होने के बावजूद जिस तरह से कर्नाटक में बीजेपी की सरकार बन रही है, उससे सोशल मीडिया में तरह—तरह का उबाल है। कोई इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन कह रहा है, तो किसी का कहना है कि चुनाव अब सिर्फ एक फॉर्मेलिटी रह गई है, जो बीजेपी चाहेगी वही होगा। अगर कर्नाटक में उसके 70 विधायक भी होते, तब भी सरकार बनाने का निमंत्रण उसी को मिलता।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा उसने कांग्रेस और जेडीएस का याचिका खारिज नहीं की है और फैसला दिया है कि 'यह याचिका बाद में सुनवाई का विषय है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों समेत येदियुरप्पा को एक जवाब दाखिल करने का नोटिस भी जारी किया। मगर कोर्ट के फैसले पर जनता में भारी रोष है, कहा जाने लगा है कि केंद्र के इशारे पर कोर्ट काम कर रहा है। मोदी सरकार के हितैषी चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया दीपक मिश्रा के रहते न्याय की उम्मीद बेमानी है।

पूर्ण बहुमत न होने के बावजूद बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा द्वारा शपथ ग्रहण करने को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान के साथ मजाक बताते हुए कहा कि, भाजपा जीत का जश्न मना रही है और देश लोकतंत्र की हार का शोक मना रहा है।

राहुल गांधी ने कर्नाटक में भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत के बावजूद बनाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए ट्वीट किया, बीजेपी स्पष्ट बहुमत न होने के बावजूद कर्नाटक में सरकार बनाने पर अड़ी है। यह संविधान के साथ भद्दा मजाक है। आज जब भाजपा अपनी 'पवित्र' जीत का जश्न मना रही है, तो दूसरी तरफ पूरा देश लोकतंत्र की हार पर शोक मनाएगा।  

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Posted On : 17 05 2018 10:02:43 AM

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