Last Update : 06 12 2017 08:40:53 AM

माँ से हुई खाना देने में देरी, बेटे ने ली मां की जान

बांदा। अपराधमुक्त समाज निर्मित करने का दावा सरकारें भले ही करती रहें, मगर समाज में जुर्म ने इस तरह पैठ बना ली है कि मां—बेटे का पवित्र रिश्ता भी कोई मायने नहीं रखता। एक बेटे द्वारा अपनी मां की जान लेने से जघन्यतम अपराध—जुर्म भला क्या हो सकता है।

ऐसी ही एक जघन्य वारदात घटी है उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में। एक बेटे ने अपनी मां को इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि मां को खाना देने में कुछ देरी हो गई थी।

घटनाक्रम के मुताबिक बांदा शहर के डीएम कॉलोनी में रहने वाला 19 वर्षीय शीलू उर्फ कुलदीप 4 दिसंबर की रात को नशे में धुत होकर घर आया था। जब वह घर पहुंचा तो उसने अपनी मां से खाना मांगा। मां जब खाना लाने गई तो उसे खाना देने में कुछ देर हो गई।

इतने में शराब के नशे में धुत शीलू अपना आपा खो बैठा और मां को भला—बुरा बकने लगा। इतना ही नहीं उसने मां के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। उस पर नशे में गुस्सा इस कदर हावी था कि उसने चारपाई के पाये से मां को मारना शुरू कर दिया। चारपाई के पाये से उसने मां को इस कदर मारा कि मां की मौके पर ही मौत हो गई।

बाद में पड़ोसियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कलयुगी बेटे शीलू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।

जनपक्षधर पत्रकारिता को सक्षम और स्वतंत्र बनाने के लिए आर्थिक सहयोग दें। जनज्वार किसी भी ऐसे स्रोत से आर्थिक मदद नहीं लेता जो संपादकीय स्वतंत्रता को बाधित करे।
Posted On : 05 12 2017 10:08:10 PM

विमर्श