वीडियो में दिखाया गया है कि करीब आधा दर्जन सुरक्षा बल के जवान एक 20-25 वर्षीय बंगलादेशी नौजवान को लात घूसों से मारकर पहले बेहाल करते हैं, फिर नंगा करते हैं, उसी की लुंगी को फाड़कर उसके दोनों हाथों को डंडे में बांधते हैं, उसके छाती पर बैठकर उसके पंजो पर लाठियां बरसाते हैं...
पश्चिम बंग की राजधानी कोलकाता में सक्रिय बंगलार मानबाधिकार सुरक्षा मंच (मासूम) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) की जघन्य करतूतों को लेकर एक वीडियो जारी किया है. वीडियो पश्चिम बंग के मुर्शिदाबाद जिले के रानीनगर थाना क्षेत्र के बीएसएफ़ मौराशी बोर्डर कैम्प का है, जिसे बीएसएफ़ के किसी जवान ने ही शूट किया है और वह आमलोगों के हाथ लग गया है.
यह वीडियो मौराशी बोर्डर कैम्प क्षेत्र में पालतू पशुओं की दलाली करते पकडे गये तीन बंगलादेशी नागरिकों में से एक का है, जो बताने के लिए काफी है कि हमारे देश के सुरक्षा बलों का रवैया नागरिकों के प्रति कितना क्रूरतम और अलोकतांत्रिक होता है. इराक की अबू गरेब जेल में बंद वहां के नागरिकों के साथ जो अत्याचार अमेरिकी फौजों ने किया है, उसका खुला मंचन हमारे सुरक्षा बालों ने इस वीडियो में किया है.
वीडियो में दिखाया गया है कि करीब आधा दर्जन सुरक्षा बल के जवान एक 20-25 वर्षीय बंगलादेशी नौजवान को लात घूसों से मारकर पहले बेहाल करते हैं, फिर नंगा करते हैं, उसी की लुंगी को फाड़कर उसके दोनों हाथों को डंडे में बांधते हैं, उसके छाती पर बैठकर उसके पंजो पर लाठियां बरसाते हैं और उसके चुत्तड़ पर तबतक लाठियां बजाते हैं, जबतक वह बेशुध होकर गिर नहीं पड़ता. अंत में उन्हें लगता है कि यह अभी कम है तो उसके चुत्तड़ डंडे से खोदते और ठहाके लगाते हैं. साथ ही वीडियो में बड़े साफ़ तौर पर जाहिर होता है कि हमारे सुरक्षा बलों में मुसलमानों के प्रति नफरत और हिंदूवादी मानसिकता का गुरुर सर चढ़कर बोलता है.
पिछले सप्ताह एक स्थानीय समाचार चैनल द्वारा वीडियो प्रसारित किये जाने के बाद हरकत में आयी सरकार के दबाव में इस जघन्य वारदात में शामिल 8 बीएसएफ जवानों को निलंबित कर दिया गया है और जाँच जारी है. इस मुद्दे को उठाने वाले संगठन मासूम के संयोजक कीर्ति रॉय ने कहा कि 'इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सरकार को सख्ती से निपटना चाहिए. ऐसी वारदातें लोकतंत्र के खिलाफ ही माहौल बनाती हैं.'
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