Sat19052012

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Back समाज उपभोक्ता आटो रिक्शा का एडवांस वर्जन है ‘आरई 60 कार’

आटो रिक्शा का एडवांस वर्जन है ‘आरई 60 कार’

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कार के बाजार में पहली बार कदम रखते हुए बजाज ऑटो ने दावा किया है कि उसकी कार कम ईंधन में ज्यादा किलोमीटर चलेगी और शहरों में प्रदूषण तथा  बढ़ते ट्रैफिक से निपटने में कारगर साबित होगी।  आर-ई60 प्रति लीटर 35 किलोमीटर की औसत से चलेगी...

दुपहिया गाड़ी बनाने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बजाज ऑटो ने टाटा की नैनो को टक्कर देने के लिए भारतीय बाजार में लो-एमिशन ( कम उत्सर्जन ) कार आज दिल्ली में लॉन्च कर दी है। इस छोटी कार का नाम है ‘आरई 60’। कार सेगमेंट में बजाज ऑटो की यह पहली पेशकश है।

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कार के बाजार में पहली बार कदम रखते हुए बजाज ऑटो  का दावा है कि ये कार कम ईंधन में ज्यादा किलोमीटर चलेगी और शहरों में प्रदूषण और बढ़ते ट्रैफिक से निपटने में कारगर साबित होगी। कंपनी के मुताबिक 400 किलोग्राम के वजन और 200 सीसी के इंजन वाली ‘आर-ई60’, 35 किलोमीटर प्रति लीटर की औसत से चलेगी।

कार अधिकतम 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच सकेगी। बजाज ऑटो ने पिछले वर्ष ऐसी कार बनाने के लिए जापान की निस्सान मोटर कंपनी और फ़्रांस  की रेनौ एसए कंपनी के साथ मिलकर काम शुरू किया था लेकिन आखिरकार ‘आर-ई60’ को खुद ही विकसित किय। ‘आर-ई60’ कार को बजाज ऑटो के औरंगाबाद स्थित प्लांट में बनाया जाएगा। कंपनी ने अभी इसकी कीमत के बारे में खुलासा नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह सवा लाख रुपये के आसपास होगी।

आरई 60 को यह नाम इसलिए दिया गया है,क्योंकि इस कार की सवारी से प्रति किलोमीटर की दूरी तय करने पर महज 60 ग्राम कार्बन डाइओक्साइड गैस निकलती है। कार की यह खूबी इसे  ग्रीन कार  में शुमार करती है।

बजाज ऑटो में प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने मीडिया को बताया कि कम प्रदूषण फैलानी वाली इस कार को शहरों में सार्वजनिक वाहन के तौर पर इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया है, उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि हमारी कार भारत में ऑटो रिक्शा की जगह ले ले, वही हमारे मुख्य उपभोक्ता हैं लेकिन कोई और भी इसे पसंद करे तो अपने घर ले जा सकता है।”

बजाज के मुताबिक अगले कुछ महीनों में इस कार का उत्पादन शुरू हो जाएगा और बाजार में उतारते वक्त ही इसके दाम का ऐलान किया जाएगा। आटो एक्सपर्ट संजीव कुमार शर्मा के अनुसार ‘बजाज ने कार नहीं बल्कि आटो रिक्शा का एडवांस वर्जन पेश किया है, ये संभव है कि बाजार में आने तक कंपनी इसमें कोई और बदलाव करे।’

2009 में टाटा नैनों मार्केट में लांच होने के वक्त बजाज ने नैनों के टक्कर की कार लांच करने की घोषणा की थी। लेकिन बजाज ने जो माडल पेश  किया है वो नैनों के सामने कीमत के अतिरिकम् किसी और सेक्शन न में टक्कर देता दिखाई नहीं देता है।

शुरूआती परेशानियों और संकटों के बाद टाटा ने अब नैनो 2012 के नए मॉडल बाजार में उतारे हैं और इनका दाम करीब 1,40,000 रुपए से शुरू होता है। इस प्रदर्शनी से पहले इस कार को टाटा की नैनो कार का प्रतिद्वंदी माना जा रहा था। महिन्द्रा कंपनी की बैटरी से चलने वाली रीवा कार के अलावा ईंधन से चलने वाली छोटी कारों की श्रेणी में अब तक केवल टाटा की नैनो कार ही बाजार में थी।

इस कार का दाम तो अभी घोषित नहीं किया गया लेकिन ऑटोमोबाइल मामलों के जानकारों के मुताबिक ‘आर-ई60’ ऑटो रिक्शा और नैनो के बीच एक नई श्रेणी बना रही है। बेग के अनुसार 200 सीसी के इंजन का मतलब ये है कि नैनो से सीधे टक्कर नहीं है, बजाज ने बहुत सूझबूझ से ऐसा वाहन निकाला है जिसमें तेज पिक-अप ना भी हो लेकिन 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक जाने की क्षमता है और जो शहर में आवाजाही के लिए ठीक है।

आटो एक्सपर्ट राजू खान के मुताबिक बजाज की आरई 60 कमर्शियल  वाहन के तौर पर ज्यादा इस्तेमाल होगी या प्राईवेट वाहन की तरह ये तो उसका दाम तय होने और बाजार में आने के बाद उसके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। उनका आंकलन है कि ऑटो रिक्शा के मुकाबले ‘आर-ई60’ ज्यादा स्थिर वाहन होगा।

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