महाराष्ट्र में आत्महत्या का शिकार हुए किसानों की विधवाओं में अपर्णा भी हैं, जिनके पति ने दो वर्ष पहले कर्ज न चुका पाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। अपर्णा कहती हैं, ‘विधवाओं पर समर्पित कौन बनेगा करोड़पति में भाग लेने से पहले मुझे पता भी नहीं था कि एक थोड़े देर का कार्यक्रम मेरी जीवन की पूरी कहानी को पलट देगा...
विभा सचदेवा
‘हिम्मत-ए-मर्दा तो मदद-ए-खुदा’, जिसमें कुछ कर दिखाने की हिम्मत और हौसला हो, किस्मत भी उसकी ही मदद करती है। यह पंक्तियां किसी सुपर स्टार या जानी-मानी हस्ती की सफलता का इतिहास बताने के लिए नहीं हैं, बल्कि 27 वर्षीय उस विदर्भ क्षेत्र की महिला अपर्णा मालिकार के लिए हैं जो 25 साल की उम्र में विधवा होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी 2 बेटियों के साथ पति की मौत के दर्द को भुलाकर आगे बढ़ती रही।

महाराष्ट्र में आत्महत्या का शिकार हुए किसानों की विधवाओं में अपर्णा भी हैं, जिनके पति ने दो वर्ष पहले कर्ज न चुका पाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। अपर्णा कहती हैं, ‘विधवाओं पर समर्पित कौन बनेगा करोड़पति में भाग लेने से पहले मुझे पता भी नहीं था कि एक थोड़े देर का कार्यक्रम मेरी जीवन की पूरी कहानी को पलट देगा।’
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में रहने वाली 27 वर्षीय अर्पना मालिकर ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के सैट पर मौजूद विदर्भ की उन 9 विधवा महिलाओं में से एक थी, जिनके लिए इस क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 10 वीं पास अर्पणा के अंदर एक जज्बा था, जिसके बलबूते पर वह हॉट सीट से 6 लाख 40 हजार जीतने के बाद उतरीं। एक छोटे से गांव में खेती करने वाली महिला के लिए इतनी बड़ी रकम जीतना काबिले तारीफ है और एक स्वप्पन जैसा भी।
अर्पना के संघर्ष की कहानी को लाखों लोगों ने सुना और इसलिए शो पर कुछ ऐसे पल भी आये जहां पर वहां बैठे सभी लोगों के साथ-साथ सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की आंखें भी नम हो गयी। यहीं कारण है कि शायद हम इनके सफर और अनुभवों को लफ्जों में ब्यान न कर पायें। इसलिए अपर्णा के संघर्ष की कहानी उन्हीं की जुबानी...
एक छोटे से गांव से लेकर करोड़पति की हॉट सीट तक का सफर कैसा रहा?
सफर बहुत संघर्षपूर्ण था। मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि मैं करोड़पति में जाकर अपनी मेहनत के बल पर इतना बड़ा पैसा जीत पाऊंगी। पहले तो मैं बहुत डरी हुई थी, लेकिन जब मैंने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य के बारे में सोचा तो सारी घबराहट दूर हो गयी। उसके बाद मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी कि बस मुझे अपनी बेटियों के लिए कुछ करना है, खेलना है।
करोड़पति में आने से पहले के सफर के बारे में कुछ बतायें?
मैने अपनी जिंदगी में बहुत कठिनाइयों का सामना किया है। 19 साल की उम्र में मेरी शादी हो गयी थी और 25 साल की उम्र में जब मेरे पति ने कर्जा ना चुका पाने की वजह से आत्महत्या की तो मेरी जिंदगी पूरी तरह बिखर गयी। उस समय घर में खाने के लिए एक पैसा नहीं था और ऊपर से दो लड़कियों की जिम्मेदारी अकेली मुझ पर आ गयी। अगर मैं अकेली होती तो शायद मैं भी आत्महत्या कर लेती, लेकिन मैंने बेटियों के बारे में सोचते हुए हिम्मत ना हारते हुए खेती करनी शुरू की, कर्जा लिया और आगे बढ़ती गयी। पिछले दो वर्षों से कर्जा लेकर खेती कर रही हूं और उससे होने वाली कमाई से अपनी बेटियों का पालन-पोषण कर रही हूं।
कितने साल की हैं आपकी बेटियां?
एक 7 साल और एक 3 साल।
स्कूल जाती हैं?
जी हां, दोनों स्कूल जाती है। मैं और सब चीजों में समझौता कर सकती हूं, लेकिन अपनी बेटियों के भविष्य के साथ नहीं। मैं दोनों को अच्छी तरह पढ़ाना चाहती हूं।
आपके पति के गुजर जाने के बाद सामाजिक तौर पर किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
विधवा को समाज में हमेशा से एक बुरी नजर से देखा जाता है। मेरी जिंदगी में ऐसे पड़ाव आये जहां मुझे बार-बार याद कराया गया कि मैं अकेली हूं, विधवा हूं, समाज से अलग हूं।
आपके माता-पिता या किसी रिश्तेदार ने किसी तरह की कोई सहायता नहीं दी?
मेरे पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन फिर भी उन्होंने खेती के लिए शारीरिक रूप से मेरी मदद जरूर की।
करोड़पति कार्यक्रम में आने के बाद आपकी जिंदगी में कोई बदलाव आया है?
जी हां, बहुत बदलाव आया है। अब मैं अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर थोड़ी संतुष्ट हो गयी हूं और समाज में ी लोग मुझे पहचानने लगे हैं। हर रोज बहुत से फोन मुझे शुभ कामनाएं देने के लिए आते हैं। मेरे लिए तो यह सब अभी भी एक सुंदर सपना ही है।
करोड़पति में जीते हुए पैसे का आप क्या करेंगी?
मैं उस पैसे को अपनी बेटियों के नाम जमा कराऊंगी और कर्जा चुकाउंगी। अगर भ विष्य में कभी मौका मिला तो मैं विधवाओं के लिए कुछ करना चाहूंगी क्योंकि उनके दर्द को मुझसे अच्छा कोई नहीं समझ सकता।


