Last Update : 06 04 2018 09:37:02 PM

ऑफ द रिकॉर्ड : मेयर चुनाव पर क्या कहा पूर्व छात्रनेता ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री के कान में

सांसद का चुनाव दीदी अपने भौ को लड़ाएगी देख लेना। इधर मेयर सीट महिला होने का डर भी ठैरा, तभी तो पूर्व ने अपना गणित लगाकर बेटी के होर्डिंग से पाट दिया ठैरा...

मेयर के लिए मशक्कत : भाग-2

हल्द्वानी, जनज्वार। ये उन दिनों की बात है शैपो, जब मेयर प्रत्याशी की सीट को लेकर असमंजस बना ठैरा कि सीट सामान्य होगी, आरक्षित होगी या फिर महिला सीट होगी। अब तो सामान्य सीट हो गयी है बल। तब की गणित किसने कैसे लगाई ठैरी। क्योंकि इसी सीट के प्रत्याशी की बदौलत वर्ष 2019 में संसद का बीजगणित लगाया गया था।

हुआ ये कि पूर्व मुख्यमंत्री और अपनी दीदी के बीच भौती कलेश ठैरा बल। दोनो सांसद बनने को सो नीं पारे ठैरे रात - रात भर। एक आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री और यहां का पुराना छात्र नेता मिले। ये छात्र नेता भी औरीबात महत्वाकांक्षी हुआ बल।

आयोजन से पहले ही छात्र नेता पूर्व के कान में कुछ गुनगुना दिया बल। दीदी की तिगड़मों के बारे में। जो भी गुनगुनाया हो। पर वो पूर्व के समझ आ गया और आयोजन खत्म होते ही पूर्व छात्र नेता से फिर मिले और पीठ पर हाथ रखकर बोले कि तुम्हारी बात ठीक हो सकती है। ये बात हमारी समझ भी तब आयी, जब सारा शहर पूर्व की बेटी के होर्डिंग से पट गया ठैरा।

ऑफ द रिकॉर्ड : हल्द्वानी में मेयर पद के लिए मशक्कत

ऐसे में हमारा भी दिमाग ठनका और लगे जानने कि जुगत में कि छात्र नेता ने पूर्व के कान में ऐसा क्या गुनगुना दिया होगा। भौति परेशानी के बाद पता चल पाया हो, कि छात्र नेता ने पूर्व के कान में कहा बल, भगवान जाने सच्ची था या झूठी। पर कहा ये बल कि सांसद का चुनाव दीदी अपने भौ को लड़ाएगी देख लेना। इधर मेयर सीट महिला होने का डर भी ठैरा, तभी तो पूर्व ने अपना गणित लगाकर बेटी के होर्डिंग से पाट दिया ठैरा।

हमारी समझ में तो नीं आने वाली ठैरी ये गणित पर छात्र नेता ने जो पूर्व के कान में गुनगुनाया, उसके रिजल्ट होर्डिंग के रूप में दिखे ही ठैरे। ये भी बोला छात्र नेता ने कि अपने भौ को तो दीदी मेयर का नहीं लड़ाएगी। क्योंकि मेयर प्रत्याशियों का इतिहास इसकी इजाजत नीं देने वाला ठैरा बल।

खैर छोड़ो हो, अब छात्र नेता तो दीदी पसंद करती नीं है तो उसे टिकट मिलता है, नीं मिलता है भगवान जाने। पर जिसको दीदी टिकट दिलाना चाहती है उसका प्रतिद्वन्द्वी पार्टी की केन्द्र कार्यकारणी में है। इसलिए दीदी चाहकर भी उसे टिकट नहीं दिला पाएगी और दिला दिया तो देख लेना। केन्द्रीय कार्यकारिणी वाला बन्दा भविष्य में दीदी के भौ का टिकट नीं कटने देगा कभी।

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Posted On : 06 04 2018 01:18:34 PM

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