Last Update : 11 12 2017 12:41:16 AM

हत्यारे को सांसद—मंत्री के ग्रुप में मिली शाबासी, एडमिन है भाजपा कार्यकर्ता

राजस्थान के राजसमंद में मारे गए मुस्लिम मजदूर अफराजुल का वीडियो शेयर होने के बाद जहां शाबासियां मिल रही थी, वह था भाजपा कार्यकर्ता द्वारा बनाया गया 'स्वच्छ राजसमंद, स्वच्छ भारत' वाट्सअप ग्रुप...

जनज्वार। यह सवाल जो बार—बार उठ रहा था कि राजसमंद में मारे गए मुस्लिम मजदूर की हत्या की खुशी किनको थी, कबिलाई बर्बरता वाले वे कौन लोग, समूह और विचार हैं जो बड़ी खुशी के साथ इस वीडियो को प्रसारित कर रहे थे, उसका जवाब मिल गया है।

राजसमंद के 36 वर्षीय शंभुलाल रैगर ने मुस्लिम मजदूर अफराजुल को जाने से मारने, फिर काटने और जला देने के दौरान जो वीडियो शूट किया था, उसे सबसे पहले जिन ग्रुपों में डाला गया, उसमें से एक था 'स्वच्छ रासमंद, स्वच्छ भारत' ग्रुप। इस ग्रुप का एडमिन भाजपा का एक बूथ विस्तारक यानी बूथ स्तर का कार्यकर्ता प्रेम माली है। उसके इस ग्रुप में भाजपा के राजसमंद सांसद हरिओम सिंह राठौर और विधायक किरन माहेश्वरी बतौर सदस्य शामिल हैं।

गौरतलब है कि फेसबुक की तरह वाट्सअप ग्रुप लाखों लोगों का नहीं होता, जिसकी पहचान नहीं हो सकती, बल्कि यह अधिकतम 256 लोगों का ही होता है। ऐसा ही एक ग्रुप भाजपा कार्यकर्ता प्रेम माली ने मोदी जी को आदर्श मानते हुए बनाया था, 'स्वच्छ राजसमंद, स्वच्छ भारत।'

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार रैगर द्वारा की गयी हत्या के इस ग्रुप में टिप्पणी आती है, 'लव जिहादियों सावधान, जाग उठा है शंभू लाल, जय श्री राम।' भाजपा कार्यकर्ता प्रेम माली के इस ग्रुप में दूसरी पोस्ट है, 'शंभू का केस सुखदेव लड़ेगा, और शंभू को न्याय दिलाएगा, वकील हो तो आप जैसा, जय मेवार, जय मालवी। निशुल्क लड़ेंगे वकील सुखदेव सिंह उज्जवल, मालवी।

मालवी से ताल्लुक रखने वाले सुखदेव सिंह उज्जवल उदयपुर में वकील हैं। हालांकि उन्होंने ऐसा कोई केस लड़ने से मना कर दिया है। इसी तरह भाजपा सांसद हरिओम सिंह राठौर और विधायक किरन माहेश्वरी ने भी इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर कर दिया है। विधायक किरन मोहश्वरी राजस्थान में उच्च शिक्षा मंत्री हैं। वहीं इसे प्रेम माली ने व्यक्तिगत राय कहा है। खैर! भाजपा उसकी अभी सदस्यता जांच रही है।

पर बहुत साफ है कि स्थानीय स्तर पर शंभूलाल रैगर के साथ भाजपा कार्यकर्ता खड़े रहे हैं और उनकी इस हत्याकांड के साथ खुला और छुपा दोनों स्तरों का समर्थन रहा है। अन्यथा एक 256 सदस्यों वाले वाट्सग्रुप में, जिसमें स्थानीय सांसद और राज्य के मंत्री भी हैं, वहां कोई पार्टी कार्यकर्ता एक ऐसे जघन्य वारदात वाले वीडियो पर खुशियां और शबाशी वाले संदेश कैसे आ सकते हैं, जिसको लेकर पूरा देश सकते में है।

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Posted On : 11 12 2017 12:32:02 AM

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