Last Update : 12 10 2017 10:14:24 AM

अनुपम खेर को मिला मोदी भक्ति का प्रसाद, बने FTII के अध्यक्ष

अनुपम खेर को एफटीआईआई का अध्यक्ष पद मोदी भक्ती के प्रसाद के रूप में ही मिला है पर इसमें कोई शक नहीं कि वह गजेंद्र चौहान से हजार गुना बेहतर और योग्य हैं...

जब असहिष्णुता का मुद्दा गरमाया हुआ था तो अनुपम खेर ने बीजेपी के दो बड़े नेताओं पर वार करते हुए कहा था कि योगी आदित्यनाथ और साध्वी प्राची जैसे लोगों को भाजपा से बाहर कर और जेल में डाल दिया जाना चाहिए। आज उसी अनुपम खेर को मोदी सरकार ने भारत के सबसे प्रसिद्ध फिल्म संस्थान एफटीआईआई का अध्यक्ष बनाया है। अनुमप खेर से पहले इस संस्थान के मुखिया अभिनेता गजेंद्र चौहान थे। 

'सारांश' जैसी अर्थपरक फिल्क के लिए बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से नवाजे जा चुके अनुपम खेर को पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) का नया अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें फिल्म अभिनेता गजेंद्र चौहान की जगह पर एफटीआईआई का अध्यक्ष बनाया गया है। एफटीआईआई सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करता है।

मगर एफटीआईआई और नवनियुक्त अध्यक्ष की नियुक्ति पिछली बार की तरह इस बार भी विवादों में आ गई है। एफटीआईआई छात्रों का कहना है कि मोदी सरकार द्वारा अनुपम को एफटीआईआई का चेयरपर्सन बनाना एक मजाक है। गौरतलब है कि पिछली बार गजेंद्र चौहान को जब एफटीआईआई का सर्वेसर्वा चुना गया था तो तब भी काफी विवाद हुआ था। गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के बाद संस्थान के विद्यार्थियों ने बड़े पैमाने पर विरोध किया था और करीब 139 दिन की हड़ताल की थी।

इस बार अनुपम खेर को एफटीआईआई का अध्यक्ष चुने जाने पर कुछ लोगों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि अनुपम खेर को यह पद मोदी सरकार ने स्वामीभक्ति निभाने के बतौर भेंट किया है।

ये भी पढ़ें : कंगना रनौत का वायरल हो गया है यह वीडियो

500 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके अनुपम खेर कई विदेशी फिल्मों में भी अपनी दमदार भूमिका से अदाकारी की छाप छोड़ चुके हैं। खेर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से एक्टिंग का प्रशिक्षण लिया था।

भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए अनुपम खेर को 2004 में पद्मश्री और 2016 में कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मभूषण सम्मान से नवाजा जा चुका है। गौरतलब है कि मार्च 2016 में जब असहिष्णुता का मुद्दा गरमाया हुआ था तो अनुपम खेर ने बीजेपी के दो बड़े नेताओं पर वार करते हुए कहा था कि योगी आदित्यनाथ और साध्वी प्राची जैसे लोगों को भाजपा से बाहर कर और जेल में डाल दिया जाना चाहिए।

7 मार्च, 1955 को शिमला में पैदा हुए अनुपम खेर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग शुरू करते हुए कई टीवी शोज में भी काम कर चुके हैं। खेर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के चेयरमैन भी रह चुके हैं।

पढ़ें : 'लिपिस्टिक अंडर माई बुर्क़ा' को समझने के लिए जिगरा चाहिए

गौरतलब है कि अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर बीजेपी से सांसद हैं। उन्होंने अपने पति को एफटीआईआई का अध्यक्ष चुने जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह अनुपम को मिली इस चुनौतीपूर्ण भूमिका से बहुत खुश हैं और इसके लिए उन्होंने मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही यह भी कहा कि यह एफटीटीआई का अध्यक्ष पद काटों भरे ताज के समान है।

थोड़े समय पर मोदी सरकार ने सेंसर बोर्ड में भी नये चैयरमैन के बतौर प्रसून जोशी को चुना है, उनसे पहले पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के सर्वेसर्वा हुआ करते थे।

ये भी पढ़ें : पोर्न से भरी हैं जब मोबाइलें तो किस काम का सेंसर बोर्ड

हालांकि सुभाष घई, मधुर भंडारकर, अशोक पंडित समेत कई जाने—माने डायरेक्टर्स ने सरकार द्वारा अनुपम खेर को एफटीआईआई का अध्यक्ष चुने जाने पर मोदी सरकार की तारीफ की है और कहा है कि वह इस पद के लिए उपयुक्त हैं। वे एफटीआईआई के अच्छे शिक्षक साबित होंगे।

संबंधित खबर : निहलानी की जगह प्रसून सीबीएफसी के नए चीफ

जनपक्षधर पत्रकारिता को सक्षम और स्वतंत्र बनाने के लिए आर्थिक सहयोग दें। जनज्वार किसी भी ऐसे स्रोत से आर्थिक मदद नहीं लेता जो संपादकीय स्वतंत्रता को बाधित करे।
Posted On : 11 10 2017 06:54:35 PM

संस्कृति