Last Update : 12 01 2018 02:36:30 PM

सुप्रीम कोर्ट के जजों ने आज पलट दिया इतिहास, मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ मीडिया के सामने बुलंद की आवाज

भारत के इतिहास और कोर्ट की स्थापना के बाद भारत में पहली बार हुआ कि चार वरिष्ठ जजों ने मोर्चा खोला हो और कोर्ट में चल रही मनमानी व अराजकता के खिलाफ खुलकर बोला हो

जजों की प्रेस कांफ्रेंस का मुख्य कारण रहा जस्टिस लोया की मौत का मसला जिसकी नहीं की थी मुख्य न्यायाधीश ने कोई सुनवाई 

जनज्वार, दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देश को बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रेस कांफ्रेंस में चारों जजों ने बताया कि कैसे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा तानाशाही और मनमानी कर रहे हैं। जजों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

प्रेस को संबोधित कर रहे चारों जजों में जस्टिस चमलेश्वर सबसे सीनियर जज हैं. उनका कहना है कि जब हमलोगों ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले की शिकायत की तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। जजों का कहना है दीपक मिश्रा ने  अदालतों में चल रही अनियमितताओं को संज्ञान लेने से ही मनाही कर दी।

गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज के एक मामले को लेकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर आरोप लगे हैं लेकिन इस केस को खुद दीपक मिश्रा सुन रहे थे. इस बात से जजों को खासा ऐतराज था लेकिन दीपम मिश्रा इस पर कान नहीं दे रहे थे। 

कांफ्रेंस करने वालों न्यायधीशों में जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल है।  उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्राशासनिक कार्य ठीक से नहीं हो रहा है. ये चार जज शुक्रवार सुबह चीफ जस्टिस से मिले थे और अपना विरोध दर्ज कराया था है. ये प्रेस कॉन्‍फ्रेंस जस्टिस जे चेलामेश्वर के घर पर हुई। 

जानकारी के मुताबिक अभी थोड़ी देर में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा भी प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सफाई रखेंगे। जजों की प्रेस कांफ्रेंस देश में नयी बहस शुरू कर दी है। कुछ लोगों का कहना है कि यह अराजकता है तो कुछ लोग इसे न्यायालयों के लोकतांत्रिकरण की प्रक्रिया में एक बढ़ा हुआ कदम मान रहे हैं।

प्रेस को चेलामेश्वर ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो नहीं होना चाहिए था।  हमें लगा, हमारी देश के प्रति जवाबदेही है और हमने मुख्य न्यायाधीश को मनाने की कोशिश की, लेकिन हमारे प्रयास नाकाम रहे अगर संस्थान को नहीं बचाया गया, लोकतंत्र नाकाम हो जाएगा।’

पत्रकारों की ओर से यह पूछे जाने पर कि किस मामले को लेकर उन्होंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि यह एक केस के असाइनमेंट को लेकर था।

यह पूछे जाने पर कि क्या यह सीबीआई जज जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत से जुड़ा मामला है, कुरियन ने कहा, 'हां'।

इस बीच सीजेआई को लिखा पत्र जज मीडिया को देने वाले हैं, जिससे पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा कि किस मामले को लेकर उनके चीफ जस्टिस से मतभेद हैं।

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Posted On : 12 01 2018 01:43:20 PM

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